इंदिरा को स्वीटी कहकर बुलाने वाला जनरल, जिसने 1000 रुपये के बदले आधा पाकिस्तान ले लिया

मानेकशॉ और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति याह्या खान एक साथ फौज में थे और दोस्त हुआ करते थे। विभाजन के बाद पाकिस्तान जाने वक्त सैम उस मोटरबाइक को यहया ख़ां को 1000 हजार में बेचा। लड़ाई जीतने के बाद सैम ने मज़ाक किया, उन्होंने 1947 में लिया गया उधार अपना आधा देश देकर चुकाया।

Prabhasakshi
Prabhasakshi
2 min read

एक युवा जिसे लंदन नहीं जाने दिया तो गुस्सा होकर सेना में जाने का फॉर्म भर दिया। एक सैन्य अफसर जो देश के प्रधानमंत्री को स्वीटी कहकर बुलाता था। वीरों के वीर जिसने 1000 रुपये के बदले में आधा पाकिस्तान ले लिया। एक फील्ड मार्शल जिससे तख्तापलट का डर इंदिरा गांधी को सताने लगा था। एक महावीर जिसने पड़ोसी मुल्क को कहा था याद कर लो 71 वरना टुकड़े होंगे 72। आज बात करेंगे उस नाम की जिसे सुनकर पाकिस्तान आज भी थर्रा जाता है। वीरों के वीर हिन्दुस्तान के सबसे महान सैनिक और भारतीय सेना के सबसे लोकप्रिय जनरल की कहानी सुनाते हैं। कहानी सैम बहादुर यानी फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की। देश की आजादी के बाद अभी तक शौर्य और साहस की जितनी कहानियां सुनी और सुनाई जाती हैं, उनमें फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की वीरगाथा सबसे अलग है। भारत के सबसे बड़े दुश्मन मुल्क पाकिस्तान की कमर तोड़कर दो हिस्सों में विभाजित कराने वाले सैम मानेकशॉ शूरता और वीरता की मिसाल थे।

Read More..

 

Discussion (0 comments)

0 comments

No comments yet. Be the first!