एक युवा जिसे लंदन नहीं जाने दिया तो गुस्सा होकर सेना में जाने का फॉर्म भर दिया। एक सैन्य अफसर जो देश के प्रधानमंत्री को स्वीटी कहकर बुलाता था। वीरों के वीर जिसने 1000 रुपये के बदले में आधा पाकिस्तान ले लिया। एक फील्ड मार्शल जिससे तख्तापलट का डर इंदिरा गांधी को सताने लगा था। एक महावीर जिसने पड़ोसी मुल्क को कहा था याद कर लो 71 वरना टुकड़े होंगे 72। आज बात करेंगे उस नाम की जिसे सुनकर पाकिस्तान आज भी थर्रा जाता है। वीरों के वीर हिन्दुस्तान के सबसे महान सैनिक और भारतीय सेना के सबसे लोकप्रिय जनरल की कहानी सुनाते हैं। कहानी सैम बहादुर यानी फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की। देश की आजादी के बाद अभी तक शौर्य और साहस की जितनी कहानियां सुनी और सुनाई जाती हैं, उनमें फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की वीरगाथा सबसे अलग है। भारत के सबसे बड़े दुश्मन मुल्क पाकिस्तान की कमर तोड़कर दो हिस्सों में विभाजित कराने वाले सैम मानेकशॉ शूरता और वीरता की मिसाल थे।
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