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~~ तुम बिन !! ~~

तुम बिन जिया जाये कैसे, कैसे जिया जाये तुम बिन !
होकर जुदा अब तुमसे, तड़पे जिया रात और दिन !!
आ जाऊँ पास कैसे तेरे, हमसे हुई जो ख़ता ये !
आ जाऊँ पास कैसे तेरे, हमसे हुई जो ख़ता ये !!

~~~

होना पड़ा दूर तुमसे, पाने को तुमको ही,
मिलती है मंज़िल सबको यहाँ, मिलनी थी मुझको भी !
मिलनी थी मुझको भी !
आकर मिली रातें रंगीं, रंगीं मिली रातें तुम बिन !
आ जाऊँ पास कैसे तेरे, हमसे हुई जो ख़ता ये !
आ जाऊँ पास कैसे तेरे, हमसे हुई जो ख़ता ये !!

~~~~

बुझती नहीं क्यों यह शमा, थमती नहीं क्यों यह धड़कन,
सोचा कभी था न मैंने, तुम बिन कोई जीवन !
तुम बिन कोई जीवन !
तनहा जहाँ में है ये दिल, भरकर भी ख़ाली है महफ़िल !
आ जाऊँ पास कैसे तेरे, हमसे हुई जो ख़ता ये !
आ जाऊँ पास कैसे तेरे, हमसे हुई जो ख़ता ये !!

– अभिषेक बन्सोड “साहिल”

(Disclaimer: This Song was written by me in the year 2001 to pay a dedication towards the Original Title Song of the Movie “Tum Bin” Released in the year 2001 (A kind of reply or answer to the original song).  Since it’s a work done purely to dedicate some art work, Hence, No other use of this article will be done anyhow.)

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