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आज मेकअप makeup एक ज़रूरत बन गया है और पहले मेकअप का इतना क्रेज नहीं हुआ करता था लेकिन इसके बावजूद भी टाटा ग्रुप ने भारतीय महिलाओं की सजने-संवरने की इच्छा और उनकी स्किन की जरूरतों को इतने अच्छे से समझा कि यह ब्रांड शुरू होते ही लोकप्रिय हो गया। क्या आपको पता है कि भारत के नंबर 1 कॉस्मेटिक ब्रांड लैक्मे India's first cosmetic brand – Lakme का नाम लैक्मे कैसे पड़ा और इस नाम का संबंध भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवारलाल नेहरू और मां लक्ष्मी से भी है। आइए आपको भारत के पहले कॉस्मेटिक्स ब्रांड- लैक्मे India's first cosmetic brand – Lakme के बारे सब कुछ डिटेल में बताते हैं।

ब्यूटी ब्रांड्स और कॉस्मेटिक्स beauty brands and cosmetics की दुनिया में लैक्मे Lakme नाम आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने लैक्मे Lakme का नाम नहीं सुना होगा। आपको बता दें कि लैक्मे Story of Lakme भारत की पहली कॉस्मेटिक कंपनी cosmetics company है। इसकी शुरुआत जेआरडी टाटा JRD Tata ने की थी और लैक्मे के जरिए टाटा समूह Tata group ने पहली बार कॉस्मेटिकक्स इंडस्ट्री cosmetics industry में कदम रखा था।

आज मेकअप makeup एक ज़रूरत बन गया है और पहले मेकअप का इतना क्रेज नहीं हुआ करता था लेकिन इसके बावजूद भी टाटा ग्रुप ने भारतीय महिलाओं की सजने-संवरने की इच्छा और उनकी स्किन की जरूरतों को इतने अच्छे से समझा कि यह ब्रांड शुरू होते ही लोकप्रिय हो गया। क्या आपको पता है कि भारत के नंबर 1 कॉस्मेटिक ब्रांड लैक्मे India's first cosmetic brand – Lakme का नाम लैक्मे कैसे पड़ा और इस नाम का संबंध भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवारलाल नेहरू और मां लक्ष्मी से भी है। आइए आपको भारत के पहले कॉस्मेटिक्स ब्रांड- लैक्मे India's first cosmetic brand – Lakme के बारे सब कुछ डिटेल में बताते हैं।

Lakme शुरू करने का विचार कैसे आया?

बात 1952 की है जब आज़ादी के बाद का वह दौर था जब स्वतंत्र भारत की अर्थव्यवस्था किसी तरह अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रही थी। हमारे देश में बेहतर क्वालिटी के मेकअप और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स makeup and personal care products की कमी थी और इस कैटेगरी में भारतीय निर्माता भी कम थे। इन कारणों की वजह से उस वक्त जो संपन्न परिवार की महिलाएं थीं वे विदेशी मेकअप और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती थीं और मध्यम वर्गीय परिवार की महिलाएं अपने लिए खुद की सौंदर्य उत्पाद घर पर तैयार करती थीं। अब जाहिर सी बात है कि जब हमारे देश की महिलाएं विदेशी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रही थीं तो इन उत्पादों के आयात के एवज में हमारे देश से अच्छी खासी धनराशि विदेश जाती थी। इस बात की वजह से भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवारलाल नेहरू को काफी चिंता हुई और उनकी यही चिंता Lakme की उत्पत्ति का कारण बनीं, इसीलिए इस ब्रांड की स्थापना के पीछे नेहरू जी की सोच थी।

नेहरू जी ने जेआरडी टाटा से साझा किया विचार

टाटा ग्रुप के चेयरमैन जेआरडी टाटा JRD Tata देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू Prime Minister Jawaharlal Nehru जी के अच्छे मित्र थे और भारत में ही उच्च क्वालिटी के कॉस्मेटिक्स बनाने के आइडिया के बारे में नेहरू जी ने जेआरडी टाटा से बार की और उन्होंने भारत में कॉस्मेटिक्स की एक कंपनी स्थापित करने को कहा। जेआरडी टाटा जी के बारे में नेहरू जी अच्छे से जानते थे और खासकर के उनके चुनौतियों से जूझने के जुनून और उनकी उद्यमिता स्किल्स के बारे में नेहरू जी को अच्छे से पता था।

जेआरडी टाटा को नेहरू जी का यह आइडिया बेहद पसंद आया क्योंकि मेकअप और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स के बाजार में भारत में कॉम्पिटिशन ना के बराबर था।

नेहरू जी ने जेआरडी टाटा से आइडिया साझा किया। उन्हें आइडिया पसंद आया। देश में उस समय इस कैटेगरी में कॉम्पिटिशन भी नहीं था, तो इस कंपनी को शुरू करने से कोई नहीं रोक सकता था और इस तरह लैक्मे ब्रांड Lakme brand की उत्पत्ति हुई। इंडियन स्किन को ध्यान में रखते हुए, लक्मे Lakme ने बाजार में अपने कॉस्मेटिक्स उतारे।

लैक्मे ब्रांड का मां लक्ष्मी से कैसे नाता है?

लैक्मे एक फ्रेंच शब्द है, जिसका अर्थ लक्ष्मी है। इस ब्रांड का नाम लैक्मे रखने का भी एक दिलचस्प किस्सा है। जब कंपनी की शुरुआत हुई तो फ्रांसीसी सहयोगियों को कंपनी के लिए एक नाम सुझाने को कहा गया, उन्हें ऐसा कहा गया कि नाम ऐसा होना चाहिए जिसमें दोनों ही देशों की झलक हो। लैक्मे Lakme नाम से उस वक्त पेरिस में लियो डेलिब्स का एक प्रसिद्ध ओपेरा lakme french opera था। इस तरह लैक्मे नाम सामने आया जो समृद्धि और सुंदरता की देवी मां लक्ष्मी पर आधारित था। कई लोग ये भी बताते हैं कि जेआरडी टाटा ने कंपनी को लक्ष्मी नाम दिया था लेकिन इसे बाद में बदला गया था।

आपको बता दें कि विदेशी सहयोगियों की इक्विटी equity में कोई भागीदारी नहीं थी और लैक्मे एक स्वदेशी ब्रांड Made in India brand था।

लोगों में इसके प्रति विश्वास कैसे जगा?

मुंबई में पेद्दार रोड पर एक छोटे किराए के परिसर से लैक्मे Lakme की शुरुआत हुई थी और 1960 के करीब कंपनी बड़े परिसर की तलाश करने लगी। लैक्मे के प्रोडक्ट्स की क्वालिटी बहुत अच्छी थी और दाम भी कम थे। लैक्मे के आने से ज्यादातर लोग विदेशी ब्रांड को छोड़कर लैक्मे के प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने लगे। इतना ही नहीं फिल्म इंडस्ट्री में भी लैक्मे के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल होने लगा, जिसके आम जनता का लैक्मे के प्रोडक्ट्स के प्रति विश्वास जगा।

Tags:

story of lakme, beauty brands and cosmetics, lakme

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