विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) 2021: जनसंख्या एक अवसर भी है और एक चुनौती भी। इस समय (2021 में ) विश्व जनसंख्या 7.9 बिलियन है – (वर्ल्डोमीटर के अनुसार)। एक बेहतर राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा, जागरूकता, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जल सब अति आवश्यक कारक हैं किन्तु बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण यह सब, सभी के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
[caption class="snax-figure" align="aligncenter" width="1140"]https://i0.wp.com/news.jagatgururampalji.org/wp-content/uploads/2018/07/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B8-World-Population-Day-2021-in-hindi.jpg?w=1920&ssl=1[/caption]
कब हुई विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत?
11 जुलाई 1987 तक विश्व में जनसंख्या का आंकड़ा 5 अरब के पार पहुंच चुका था। तब दुनिया भर के लोगों को बढ़ती आबादी के प्रति जागरूक करने के लिए इस दिन को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के रूप में निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। विश्व जनसंख्या दिवस की स्थापना वर्ष 1987 में UNDP की तत्कालीन काउंसिल परिषद द्वारा की गई थी और दिसंबर 1990 में इसे आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया गया।
कैसे हुई विश्व जनसंख्या दिवस की रूपरेखा तैयार
संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के मुताबिक मौजूदा विश्व जनसंख्या 7.6 अरब है, यह आंकड़ा जुलाई 2018 तक का है। 11 जुलाई प्रतिवर्ष विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में जाना जाता है। यह लगभग तीन दशकों से मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य आबादी के मुद्दों के महत्व पर दुनिया का ध्यान केंद्रित करना है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गवर्निंग काउंसिल ने 1989 में इसकी शुरुआत की सिफारिश की। इस विशेष दिन की प्रेरणा 11 जुलाई 1987 को “पांच बिलियन दिवस” के उद्देश्य से ली गई। यह वह दिन था जब दुनिया की जनसंख्या 5 अरब तक पहुंच गई थी। संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना को जनसंख्या के मुद्दों, विकास और पर्यावरण पर उनके प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए अधिकृत किया।
2018 में विश्व जनसंख्या दिवस की थीम “फैमिली प्लानिंग एक मानव अधिकार” है। 1968, में मानवाधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। यहीं पहली बार, परिवार नियोजन को मानव अधिकार माना गया था। सम्मेलन के दौरान अपनाई गई तेहरान उद्घोषणा में कहा गया है कि यह माता-पिता का मूल अधिकार है कि वे अपने बच्चों की संख्या और अंतराल पर फैसला कर सकें। विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य विभिन्न आबादी के मुद्दों जैसे परिवार नियोजन, लिंग समानता, गरीबी, मातृ स्वास्थ्य और मानवाधिकारों के महत्व पर लोगों की जागरूकता को बढ़ाना है। सोचने योग्य तथ्य यह है की सरकार जनसंख्या नियंत्रण करने पर ज़ोर देने को कह रही है बावजूद इसके जनसंख्या बढ़ती ही जा रही है। अथाह पृथ्वी पर सभी सुलभ संसाधन और सुख सुविधाएं उपलब्ध होते हुए भी हाहाकार मची है। हर ओर अंशाति का माहौल है।
विश्व जनसंख्या दिवस 2021 की थीम
हर वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है। हर साल विश्व जनसंख्या दिवस के लिए एक विशिष्ट थीम होती है और इस कोरोना महामारी के बीच विश्व जनसंख्या दिवस 2021 की थीम है “अधिकार और विकल्प उत्तर हैं: चाहे बेबी बूम हो या बस्ट, प्रजनन दर में बदलाव का समाधान – प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों को प्राथमिकता देना है।
Content Source: https://news.jagatgururampalji.org/world-population-day-in-hindi/
Sign in to leave a comment.