पहले की अपेक्षा अब भारत में बिजनेस बिजनेस स्टार्ट करने से संबंधित लालफीताशाही खत्म हो गई है या कम हो गई है। केन्द्र सरकार द्वारा भी कई ऐसी योजना शुरु की गई है जिसके माध्यम से कारोबारियों को बिजनेस लोन मिलता है। आइये इस ऑर्टितस में 5 ऐसी सरकारी योजना के बारे में जानतें हैं जिसके तहत बिजनेस शुरु करने के लिए बिजनेस लोन मिलता है।
मुद्रा योजना: मिलता है 10 लाख तक का बिजनेस लोन
Mudra Loan योजना केन्द्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा चलाई जा रही है। इस योजना के तहत नया कारोबार शुरु करने करने के लिए और पुराने कारोबार का विस्तार करने के लिए बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है। मुद्रा लोन योजना के तहत 3 कैटेगरी में बिजनेस लोन दिया जाता है:
शिशु लोन – 50 हजार तककिशोर लोन – 50 हजार से 5 लाख रुपये तक तरुण लोन – 5 लाख से 10 लाख तकMudra Yojna से लोन अप्लाई करने के लिए आपको अपने नजदीकी बैंक से संपर्क करना होगा। बैंक वही होना चाहिए जो मुद्रा योजना की लिस्ट में शामिल हो। देश में 27 सरकारी बैंक, 17 प्राइवेट बैंक, 31 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 4 सहकारी बैंक, 36 माइक्रो फाइनेंस संस्थान और 25 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) को मुद्रा लोन बांटने के के लिस्ट में शामिल हैं।
युवा सहकार योजना - Yuva Sahakar स्कीम
केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र (कोऑपरेटिव्स सेक्टर) में कारोबार को बढ़ावा देने के लिए युवा सहकार योजना शुरु की गई है। इस योजना का लक्ष्य सहकारिता (कोऑपरेटिव्स) क्षेत्र में क्रांति लाना है। योजना का नाम युवा सहकार योजना स्टार्ट-इंडिया के तर्ज पर रखा गया है। सहकार योजना का लाभ वह सभी युवा उठा सकते हैं जो को-ऑपरेटिव सोसाइटी बना कर सोशल एन्टरप्रन्योरशिप में हाथ आजमाना चाहते हैं।
मतलब अगर कोई सामाजिक कार्य भी करना चाहता है जिससे लोगों को लाभ मिले तो सहकार योजना के जरिये उसे सहकार योजना के तहत बिजनेस लोन मिल सकता है। युवा सहकार योजना के लिये सरकार हर साल 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था युवाओं के इन्नोवेटिव कोऑपरेटिव के लिए करेगी।
योजना के तहत एक कोऑपरेटिव सोसाइटी को अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक का बिजनेस लोन मिल सकता है। योजना का फायदा तब मिलेगा जब कोऑपरेटिव कम से कम एक साल पुरानी हो अगर ज्यादा पुरानी कोऑपरेटिव हो, तो कम से कम 3 साल उसे कोई आर्थिक नुकसान नही हुआ हो।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
यह एक ऐसी योजना है जिसमे आप जो भी बिजनेस शुरु करना चाहते हैं उसकी मात्र 10 प्रतिशत राशी लगा कर बाकी 90 प्रतिशत राशी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) से प्राप्त कर सकते हैं।
खुद का नया बिजनेस शुरु करने की चाहत रखने वालों के लिए यह योजना बेहद शानदार है। केन्द्र सरकार ने 2019-20 में इस योजना के लिए 2,327 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। PMEGP स्कीम का पूरा नाम प्रधानमंत्री इम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम है। यह स्कीम खादी ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के दिशा – निर्देशों में चल रही है, इसका लक्ष्य खादी ग्रामोद्योग सेक्टर में 2020 तक 14 लाख जॉब के मौके बनाना है। देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गयी PMEGP स्कीम के तहत अधिक से अधिक लोगों को लोन देने पर केंद्र सरकार का फोकस है। इस योजना के तहत 10 लाख तक का बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।
डेयरी फार्मिंग योजना - Dairy Farming Nabard Subsidy
आज के समय में अगर किसी प्रोडक्ट की मांग सबसे अधिक होती है तो वह दूध से बने हुए प्रोडक्ट। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र सभी जगह पर दूध, दही, मख्खन, घी इत्यादि की मांग रहती है। ऐसे में लोगों को डेयरी बिजनेस से जोड़ने के लिए डेयरी फॉर्मिंग योजना नाबार्ड बैंक द्वारा चलाई जा रही है।
डेयरी फॉर्मिंग योजना के तहत नई डेयरी लगाने के लिए और पुरानी डेयरी का विस्तार करने के लिए नाबार्ड बैंक से बिजनेस लोन मिलता है। इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि इस योजना के मिलने वाला पैसा पर ब्याज यानी इंटरेस्ट नही लगता है। डेयरी फॉर्मिंग योजना के तहत अधिकतम 30 लाख तक का बिजनेस लोन मिलता है। लोन की धनराशी कई कैटेगरी में विभाजित है।
एनबीएफसी से बिजनेस लोन पाना है बेहद आसान
परंपरागत बैंक के माध्यम से लोन लेने में कई प्रक्रिया को पूरा करना होता है ऐसे में लोन मिलने में बहुत अधिक समय लगता है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी – एनबीएफसी वर्तमान समय में सबसे तेज गति से लोन देने वाली संस्था साबित हो रही हैं। एनबीएफसी कम्पनियां फिनटेक सेक्टर की संस्था होने के कारण इनका सभी प्रोसेस टेक आधारित होता है इसलिए बेहद कम समय में बिजनेस लोन मिल जाता है।
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