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Feed Import (28 February 2018)

Roshan
Roshan
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वेबजह घर से यूँ जाया नहीं करतेमां को अपनी रुलाया नहीं करते।
उदास है, चिंतित है सब यहां रिश्तों को यूं पराया नहीं करते ।
बहने देखे रंगों और राखी को एकटकबिन अपनो के उत्सव भाया नहीं करते। 
भर जाती है रौनके तुम्हारी  मुस्कराहटों से लुकाछिपी से अपनों को सताया नहीं करते ।
बदरंग, दोगली, अहसानफरामोश  है ये दुनियाराह चलते को कभी मेहमान बुलाया नहीं करते । Original link

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