वेबजह घर से यूँ जाया नहीं करतेमां को अपनी रुलाया नहीं करते।
उदास है, चिंतित है सब यहां रिश्तों को यूं पराया नहीं करते ।
बहने देखे रंगों और राखी को एकटकबिन अपनो के उत्सव भाया नहीं करते।
भर जाती है रौनके तुम्हारी मुस्कराहटों से लुकाछिपी से अपनों को सताया नहीं करते ।
बदरंग, दोगली, अहसानफरामोश है ये दुनियाराह चलते को कभी मेहमान बुलाया नहीं करते । Original link
उदास है, चिंतित है सब यहां रिश्तों को यूं पराया नहीं करते ।
बहने देखे रंगों और राखी को एकटकबिन अपनो के उत्सव भाया नहीं करते।
भर जाती है रौनके तुम्हारी मुस्कराहटों से लुकाछिपी से अपनों को सताया नहीं करते ।
बदरंग, दोगली, अहसानफरामोश है ये दुनियाराह चलते को कभी मेहमान बुलाया नहीं करते । Original link
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