Revati Nakshatra: Career Mein Hain Behatar Sambhaavanaen Lekin Gandamool Ka Prabhaav De Sakata Hai Chunautiyaan

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रेवती नक्षत्र _ करियर में हैं बेहतर संभावनाएं लेकिन गंडमूल का प्रभाव दे सकता है चुनौतियांनक्षत्रों की अंतिम कड़ी रेवती नक्षत्र पर आकर समाप्त होती है, लेकिन यह समाप्ति नहीं बली एक नई शुरुआत की सूचक है. करियर ज्योतिष में रेवती नक्षत्र गंडमूल नक्षत्र का प्रभाव पाता है. इस नक्षत्र में जन्मा जातक अपने करियर में वह कर पाता है जो जन सामान्य के मध्य उनकी प्रसिद्धि और तरक्की का स्थान निर्धारित करता है. इस नक्षत्र में कार्यक्षेत्र की अपार संभावनाएं हैं क्योंकि यहां बुध का असर फलीभूत होता है जो एक ऎसा ग्रह जहां भी जिस भी क्षेत्र में जुड़ता है उसमें ढल जाने की योग्यता रखता है. तो चलिये फिर देख लेते हैं कि आखिर इस नक्षत्र में जन्मे होने पर कौन कौन से कामों में व्यक्ति रह सकता है आगे और करियर चयन में कैसे मिलती है सफलता.

करियर नक्षत्र ज्योतिष में रेवती गंडमूल नक्षत्र होकर भी कोमल नक्षत्रों की श्रेणी में आता है. इस नक्षत्र के ग्रह स्वामी बुध हैं, रेवती नक्षत्र के राशि स्वामी गुरु हैं क्योंकि इस नक्षत्र के सभी चरण मीन राशि में आते हैं इस कारण से गुरु महाराज की कृपा भी इस नक्षत्र पर होती है. रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं जो जीवन में चेतना, आरंभ का रंग भर देने में सहायक हैं. रेवती नक्षत्र 27 में से अंतिम नक्षत्र है. यह 32 छोटे तारों के मेल से बनता है जो मृदंग की आकृति बनाते हैं और इस कारण इसे रेवती नक्षत्र कहते हैं.  

यह नक्षत्र मीन राशि के अंतर्गत आता है और इस नक्षत्र का स्वामी बुध है. इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति पर बृहस्पति और बुध का प्रभाव होता है. बृहस्पति और बुध दोनों के बीच मित्रता नहीं है ऎसे में करियर को एक मार्ग पर लेकर चलना काफी कठिन हो जाता है. इस कारण से अगर करियर के विकल्पों में आप सही दिशा में जाना चाहते हैं उसके लिए जन्म कुंडली में बुध और बृहस्पति की स्थिति देखनी भी बहुत आवश्यक होती है.

गंडमूल  का असर करियर को करता है प्रभावित
रेवती नक्षत्र गंडमूल नक्षत्र के चलते कुछ चुनौतियों को देने वाला होता है. अपने कामकाज को लेकर व्यक्ति उलझन और संघर्ष को भी झेलता है. नक्षत्र करियर अनुसार रेवती में जन्मा जातक शिक्षा प्राप्त करने का इच्छुक होता है और इसी के कारण वह शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक होते हैं. हर चीज से ज्ञान पाने की इच्छा इन्हें एक से अधिक क्षेत्रों से जोड़ती है. हर किसी चीज से जुड़ने की इच्छा भी होती है. नौकरी हो या बिजनेस कुछ नया करना नई चीजों को अपने कार्यक्षेत्र से जोड़ना पसंद होता है यह एक अच्छी बात है लेकिन कई बार इसी के कारण करियर में लोग किसी एक काम में अधिक समय तक नहीं टिक पाते. एक ही काम में अधिक समय तक लगे रहने से इनकी एकाग्रता समाप्त हो जाती है और ये कोई दूसरा काम करना चाहते हैं. इसलिए आवश्यकता है कि अपने काम में बदलाव करें काम को न बदलें अन्यथा सफलता के लिए आपका किया परिश्रम व्यर्थ हो सकता है.

मूल नक्षत्र का अर्थ उस स्थिति से है जो शुरुआत और अंत दोनों के साथ जुड़ी होती है. यह एक प्रकार की गांठ भी है, तो संवेदनशील बिंदु के कारण ही ये नक्षत्र जीवन के हर पक्ष को प्रभावित करने वाला होता है. इसलिए जन्म कुंडली का अध्ययन भी बेहद आवश्यक हो जाता है. अगर नौकरी में परिवर्तन और अस्थिरता का असर है तब उस स्थिति में जरुरी है की कुंडली में इस नक्षत्र का सही से निरीक्षण कर लिया जाए. कारोबार या बिजनेस में साझेदारी के मुद्दे भी रेवती नक्षत्र के जातक के लिए चुनौती देने वाले होते हैं. अगर रेवती नक्षत्र में शनि और राहु का प्रभाव दशम भाव में पड़ रहा है और रेवती नक्षत्र का स्वामी कमजोर स्थिति में हो तो इस कारण से दूसरों के साथ पार्टनरशिप करना मुश्किल होता है.

रेवती नक्षत्र का जातक कैसे करें करियर का चुनाव
रेवती नक्षत्र के जातकों के लिए करियर में कौन सी फील्ड अधिक बेहतर होगी तो इस मामले में आवश्यक है कुछ मूलभूत सूत्रों को समझ लिया जाए, क्योंकि रेवती नक्षत्र की स्थिति जन्म कुंडली में कैसी है इस बात को जानकर करियर को समझ पाना आसान होगा. इसमें कुछ बातें जैसे कि : -

रेवती नक्षत्र जन्म कुंडली में किस स्थिति में मौजूद
करियर नक्षत्र में रेवती नक्षत्र किन ग्रहों से प्रभावित होता है.
रेवती नक्षत्र का दशम भाव, सप्तम भाव, छठे भाव के साथ संबंध.
रेवती नक्षत्र पर शुभ अशुभ ग्रहों का प्रभाव

इन कुछ मुख्य बातों के चलते करियर चयन की स्थिति काफी विशेष होती है. इस मामले में रेवती नक्षत्र का जन्म कुंडली में असर उनके चरण यानी उसके चरण पद का असर विशेष होता है. नक्षत्र चरण का ग्रह प्रभाव भी अपना असर दिखाता है.

उदाहरण के लिए जन्म कुंडली में अगर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गुरु और बुध का युति योग छठे भाव में बन रहा हो तो इस स्थिति के कारण व्यक्ति के प्रतिस्पर्धाओं में खुद को जमाए रखना काफी मुश्किल लग सकता है. लेकिन अगर यह दोनों ग्रह दूसरे चरण में स्थिति है तो व्यक्ति के लिए प्रतियोगिताओं में शामिल होना कठिन नहीं होगा और वह अपने रचनात्मक एवं कलात्मक गुणों से करियर को समृद्ध बना सकता है.


जन्म कुंडली में रेवती नक्षत्र करियर के विकल्पों की जानकारी में ज्योतिषी "कुंडली परामर्श" बेहद विशेष होता है. व्यक्तिगत कुंडली अनुसार नक्षत्र का कुंडली में प्रभाव और करियर योग की भूमिका का विश्लेषण करने पर सही करियर चुनाव संभव होता है और साथ ही साथ करियर से जुड़ी संभावनाओं में चुनौतियों और सफलता को समझ कर आगे बढ़ सकते हैं.  

 

 

Source Url: https://medium.com/@latemarriage/revati-nakshatra-career-mein-hain-behatar-sambhaavanaen-lekin-gandamool-ka-prabhaav-de-sakata-hai-97556e02e348

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